प्रेम पुष्पावली, मन की लहर, हठी हम्मीर
लेखकों ने समाज की कुरीतियों और ब्रिटिश शासन की विसंगतियों पर तीखा व्यंग्य किया। भारतेंदु की 'अंधेर नगरी' इसका बेहतरीन उदाहरण है। मन की लहर
साहित्य में केवल राजा-रानियों की कहानियाँ नहीं, बल्कि बाल-विवाह, छुआछूत, सती प्रथा और नारी शिक्षा जैसे सामाजिक मुद्दों पर खुलकर लिखा गया। मन की लहर
जीर्ण जनपद, आनंद अरुणोदय, मयंक महिमा मन की लहर
(निबंधकार) साहित्य सुमन, भट्ट निबंधावली